सर्वनाम (PRONOUN)
सर्वनाम शब्द – सर्व + नाम के योग से बना है | जिसका शाब्दिक अर्थ है – “सबका नाम” |
वैसे शब्द जिसका प्रयोग संज्ञा के बदले किया जाता है उसे सर्वनाम कहते हैं । या
‘संज्ञा के स्थान पर प्रयुक्त होने वाले शब्द सर्वनाम कहलाते हैं |’
जैसे – मैं, तुम, वह, हम, आप, उसका आदि |
सर्वनाम शब्द मूल रूप से कुल 11 होते हैं – मैं, तुम, यह, वह, कोई, कुछ, क्या, कौन, जो, सो, आप |
जैसे – राधा आज विद्यालय नहीं आईं क्योंकि राधा बीमार है |
राधा आज विद्यालय नहीं आईं क्योंकि “वह” बीमार है |
सर्वनाम के भेद – सर्वनाम के निम्नलिखित छ: भेद हैं –
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उतम पुरुष/प्रथम पुरुष |
मध्यम पुरुष |
अन्य पुरुष |
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पुरुषवाचक सर्वनाम (Personal Pronoun)- व्यक्ति वाचक संज्ञा के बदले जैसे- मैं, तुम, हम, आप, वे
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निजवाचक सर्वनाम (Reflexive Pronouns)- कर्ता निज/स्वंय के लिए जैसे- स्वयं, आप ही, खुद, अपने आप |
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निश्चयवाचक सर्वनाम (Demonstrative Pronouns)- निश्चित व्यक्ति/वस्तु का बोध कराने के लिए जैसे- यह, वह, ये, वे |
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निकटवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम |
दूरवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम |
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अनिश्चयवाचक सर्वनाम (Indefinite Pronouns)- अनिश्चित व्यक्ति/वस्तु जैसे- कुछ,किसी ने (किसने),किसी को,किन्ही ने,कोई, किन्ही को |
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सम्बन्धवाचक सर्वनाम (Relative Pronouns)- दूसरे सर्वनाम के साथ सम्बन्ध जोड़ने जैसे- जो-सो, जहाँ-वहाँ, जैसा-वैसा, जौन-तौन |
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प्रश्नवाचक सर्वनाम (Interrogative Pronouns)- प्रश्न पुछने के लिए जैसे- कौन, कहाँ, क्या, कैसे |
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पुरुषवाचक सर्वनाम: – वैसे सर्वनाम शब्द जिसका प्रयोग व्यक्तिवाचक संज्ञा के बदले हो उसे पुरुषवाचक सर्वनाम कहते हैं ।
जैसे – मैं, तुम, हम, आप, वे ।
पुरुषवाचक सर्वनाम के तीन भेद हैं: – उत्तम पुरुष , मध्यम पुरुष , अन्य पुरुष
उत्तम पुरुष (प्रथम पुरुष): – वैसे पुरुषवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग बात कहने या बोलने वाले (प्रथम पुरुष) के लिए किया जाता है उसे उत्तम पुरुष सर्वनाम कहते है । जैसे: – मैं, मुझे, मेरा, मुझको, हम, हमें, हमारा, हमको ।
मध्यम पुरुष: – वैसे पुरुषवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग बात सुनने वाले (मध्यम पुरुष) के लिए किया जाता है उसे मध्यम पुरुष सर्वनाम कहते है। जैसे: – तू, तुझे, तेरा, तुम, तुम्हे, तुम्हारा ।
आदर सूचक: – आप, आपको, आपका, आप लोग, आप लोगों को आदि ।
अन्य पुरुष: – वैसे पुरुषवाचक सर्वनाम जिसका प्रयोग जिसके बारे में बात हो (अन्य पुरुष) के लिए किया जाता है उसे अन्य पुरुष सर्वनाम कहते है ।
जैसे: – वह, उसने, उसको, उसका, उसे, उसमें, वे, इन्होने, उनको, उनका, उन्हें, उनमे आदि ।
निजवाचक सर्वनाम: – वैसा सर्वनाम शब्द जिसका प्रयोग कर्ता स्वयं के लिए प्रयोग करता है उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं ।
जैसे: – स्वयं, आप ही, खुद, अपने आप ।
जैसे: – उसने अपने आप को बर्बाद कर लिया । मैं खुद फोन कर लूँगा ।
तुम स्वयं यह कार्य करो । श्वेता आप ही चली गयी ।
नोट: इसके ‘आप’ का प्रयोग अपने लिए / स्वयं (self) होता है आदर सूचक ‘आप’ के लिए नहीं ।
निश्चयवाचक सर्वनाम: – वैसे सर्वनाम शब्द जिसका प्रयोग निश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध करने के लिए हो उसे निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं ।
जैसे: – यह, वह, ये, वे ।
जैसे: – यह मेरी घडी है । वह एक लड़का है । वे इधर ही आ रहे हैं ।
अनिश्चयवाचक सर्वनाम: – वैसा सर्वनाम शब्द जिसका प्रयोग अनिश्चित व्यक्ति या वस्तु का बोध कराने के लिए हो उसे अनिश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं ।
जैसे: – कुछ, किसी ने (किसने), किसी को, किन्ही ने, कोई, किन्ही को ।
जैसे: – लस्सी में कुछ पड़ा है । भिखारी को कुछ दे दो । कौन आ रहा है ।
राम को किसने बुलाया है । शायद किसी ने घंटी बजायी है ।
सम्बन्धवाचक सर्वनाम : – वैसा सर्वनाम शब्द जिसका प्रयोग वाक्य में किसी दूसरे सर्वनाम से सम्बन्ध जोड़ने के लिए हो उसे सम्बन्धवाचक सर्वनाम कहते हैं ।
जैसे: – जो-सो, जहाँ-वहाँ, जैसा-वैसा, जौन-तौन ।
जैसे: – जहाँ चाह वहाँ राह । जैसा बोओगे वैसा काटोगे । वह कौन है जो रो पड़ा ।
जो सो गया वो खो गया । जो करेगा सो भरेगा ।
प्रश्नवाचक सर्वनाम: – वैसा सर्वनाम शब्द जिसका प्रयोग वाक्य में प्रश्न पूछने के लिए हो उसे प्रश्नवाचक सर्वनाम कहते हैं ।
जैसे: – कौन, कहाँ, क्या, कैसे ।
जैसे: – रमेश क्या खा रहा है । कमरे मैं कौन बैठा है । वे कल कहाँ गए थे । आप कैसे हो ।
नोट: – कुछ सर्वनाम शब्द ऐसे भी होते हैं जिन्हें संयुक्त सर्वनाम की कोटि में रखा गया हैं ।
जैसे: – जो कोई, सब कोई, कुछ और, कोई न कोई ।
जैसे: – जो कोई आए उसे रोक लो । जाओ, वहाँ कोई न कोई तो मिल ही जायेगा । देखो, कुछ और लोग वहाँ हैं । कोई-कोई तो बिना बात बहस करता है । कौन-कौन आ रहा है । किस-किस कमरे में छात्र पढ़ रहे है । अपना-अपना बस्ता उठाओ और घर जाओ । अब कुछ-कुछ याद आ रहा है ।
पुरुष वाचक सर्वनाम कारक रूप में : – कारक = एकवचन = बहुवचन
कर्ता: – मैं , मैंने , तू , तूने , वह , उसने = हम , हमने , तुम , तुमने , वे , उन्होंने आदि।
कर्म: – मुझे , मुझको , तुझे , तुझको , उसे , उसको = हमें , हमको , तुम्हें , तुमको , उन्हें , उनको आदि।
करण: – मुझसे , मेरे द्वारा , तुझसे , तेरे द्वारा , उससे , उसके द्वारा = हमसे , हमारे द्वारा , तुमसे , तुम्हारे द्वारा , उनसे , उनके द्वारा आदि।
सम्प्रदान: – मेरे लिए , मुझे , मुझको , तेरे लिए , तुझे , तुझको , उसके लिए , उसे उसको = हमारे लिए , हमें , हमको , तुम्हारे लिए , तुम्हे , तुमको , उनके लिए , उन्हें , उनको आदि।
अपादान: – मुझसे , तुझसे , उससे = हमसे , तुमसे , उनसे आदि।
संबंध: – मेरा , मेरी , मेरे , तेरा , तेरी , तेरे , उसका , उसकी , उसके = हमारा , हमारी , हमारे , तुम्हारा , तुम्हारी , तुम्हारे , उनका , उनकी , उनके आदि।
अधिकरण: – मुझमें , मुझ पर , तुझमें , तुझ पर , उसमें , उस पर = हममें , हम पर , तुममें , तुम पर , उनमें , उन पर आदि।
निश्चयवाचक सर्वनाम के प्रकार: – 1. निकटवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम 2. दूरवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम
निकटवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम: – जो सर्वनाम शब्द निकट या पास वाली वस्तुओं का निश्चित रूप से बोध कराएँ उन्हें निकटवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
जैसे: – यह मेरी पुस्तक है। ये मुझे बहुत पसंद है। इसमें यह और ये निकट वाली वस्तु का बोध करा रही हैं।
दूरवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम: – जो सर्वनाम शब्द दूर वाली वस्तुओं की ओर निश्चित रूप से संकेत करती है उसे दूरवर्ती निश्चयवाचक सर्वनाम कहते हैं।
जैसे: – – वह मेरी पैन है। वे सेब हैं। इसमें वह और वे दूर वाली वस्तुओं का बोध करा रहे हैं।